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Saturday, 14 March 2020

Child Development and Pedagogy MCQ In Hindi for various Competitive Exams Part 5

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  1. विकास की अवधारणा और इसका अधिगम से संबध
  2. बाल विकास के सिद्वांत
  3. आनुवंशिकता एवं वातावरण का प्रभाव
  4. समाजीकरण की प्रक्रिया
  5. पियाजे, कोह्लबर्ग एवं वाइगोत्सकी के सिद्वान्त
  6. बाल-केन्द्रित शिक्षा एवं प्रगतिशील शिक्षा की अवधारणा
  7. बुद्धि निर्माण एवं बहुआयामी बुद्धि
  8. भाषा और चिंतन
  9. समाज कल्याण में लैंगिक मुद्दे
  10. वैयक्तिक विभिन्नता
  11. अधिगम का मूल्यांकन
  12. उपलब्धि का मूल्यांकन एवं प्रश्नों का निर्माण
  13. विविध पृष्ठभूमि के बालकों की पहचान
  14. विकलांग तथा अधिगम अशक्तता वाले बालकों की पहचान
  15. प्रतिभाशाली, सृजनात्मक तथा विशिष्ट बालकों की पहचान
  16. बच्चो में सोचना एवं सीखना
  17. शिक्षण अधिगम की मूल प्रक्रियाएँ
  18. बच्चा : एक समस्या-समाधक तथा एक वैज्ञानिक अन्वेषक के रूप में
  19. बच्चों में अधिगम की वैकल्पिक अवधाराणा
  20. संज्ञान तथा संवेग
  21. अभिप्रेरणा एवं अधिगम
  22. अधिगम को प्रभावित करने वाले कारक
  23. अभिप्रेरणा एवं अधिगम
  24. ETC

बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र

Part-5

Child Development and Pedagogy MCQ  
In Hindi 
for 
Various Competitive Exams
पियाजे, कोह्लबर्ग एवं वाइगोत्सकी के सिद्वान्त



Question
A
B
C
D
✅
पियाजे के सिद्धान्त के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-सा व्यक्ति के संज्ञानात्मक विकास को प्रभावित नहीं करेगा?
भाषा
सामाजिक अनुभव
परिपक्वता
क्रियाकलाप
B
एक वर्ष तक के शिशु जब आँख, कान व हाथों से सोचते हैं, तो निम्नलिखित में से कौन-सा स्तर शामिल होता है?
मूर्त संक्रियात्मक स्तर
पूर्व-संक्रियात्मक स्तर
इन्द्रियजनितं गामक स्तर
अमूर्त संक्रियात्मक स्तर
C
रिया कक्षा-पिकनिक तय करने हेतु रिषभ से सहमत नहीं है। वह सोचती है कि बहुमत के अनुकूल बनाने के लिए नियमों का संशोधन किया जा सकता है। यह सहपाठी विरोध, पियाजे के अनुसार, निम्नलिखित में से किससे सम्बन्धित है?
विषमाग नैतिकता
संज्ञानात्मक अपरिपक्वता
प्रतिक्रिया
सहयोग की नैतिकता
D
निम्नलिखित में से कौन-सा वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धान्त पर आधारित है?
सक्रिय अनुकूलन
पारस्परिक शिक्षण
संस्कृति निरपेक्ष संज्ञानात्मक विकास
अन्तर्दूष्टिपूर्ण अधिगम
B
एक शिक्षिका अपनी कक्षा से कहती है, “सभी प्रकार के प्रदत्त कार्यों (Aassignments) का निर्माण इस प्रकार किया गया है कि प्रत्येक विद्यार्थी अधिक प्रभावशाली ढंग से सीख सके, अत: सभी विद्यार्थी बिना किसी अन्य की सहायता से अपना कार्य पूर्ण करें।” वह कोहलबर्ग के किस नैतिक विकास के चरण की ओर संकेत दे रही है?
औपचारिक चरण 4-कानून और व्यवस्था
पर-औपचारिक चरण 5-सामाजिक संविदा
पूर्व-औपचारिक चरण 1–दण्ड परिवर्तन
पूर्व-औपचारिक चरण 2-वैयक्तिकता और विनिमय
A
करनैल सिंह कानूनी कार्यवाही तथा खर्चे के बावजूद आयकर नहीं देते। वे सोचते हैं कि वे एक भ्रष्ट सरकार को समर्थन नहीं दे सकते जो अनावश्यक बाँधों के निर्माण पर लाखों रुपये खर्च करती है। वे सम्भवत: कोह्वबर्ग के नैतिक विकास की किस अवस्था में हैं?
परम्परागत
पश्च-परम्परागत
पूर्व-परम्परागत
परा-परम्परागत
B
निम्नलिखित में कौन-सी संज्ञानात्मक क्रिया दी गई सूचना के विश्लेषण के लिए प्रयोग में लाई जाती है?
वर्णन करना
पहचान करना
अन्तर करना
वर्गीकृत करना
C
शिक्षिका अपने शिक्षार्थियों की इस रूप में मदद करना चाहती है कि वे एक स्थिति की अनेक दृष्टिकोणों की सराहना कर सकें। वह विभिन्न समूहों में एक स्थिति पर वाद-विवाद करने के अनेक अवसर उपलब्ध कराती है। वाइगोत्स्की के परिप्रेक्ष्य के अनुसार उसके शिक्षार्थी विभिन्न दृष्टिकोणों को ……. करेंगे और अपने तरीके से उस स्थिति के अनेक परिप्रेक्ष्य विकसित करेंगे।
तर्कसंगत
आत्मसात
निर्माण
सक्रियाकरण
B
वाइगोत्स्की के सिद्धान्त का निहितार्थ है
प्रारम्भिक व्याख्या के बाद कठिन सवालों को हल करने में बच्चे की सहायता न करना
बच्चे उन बच्चों की संगति में श्रेष्ठतम रूप से सीख सकते हैं जिनका बुद्धि-लब्धांक उनके बुद्धि-लब्धांक से कम होता है
सहयोगात्मक समस्या-समाधान
प्रत्येक विद्यार्थी की व्यक्तिगत रूप से दत्त कार्य देना
C
लॉरेन्स कोह्नबर्ग के द्वारा प्रस्तावित निम्नलिखित चरणों में से प्राथमिक विद्यालयों के बच्चे किन चरणों अनुसरण करते हैं?
A.आज्ञापालन और दण्ड-उन्मुखीकरण
B.वैयक्तिकता और विनिमय
C.अच्छे अन्तःवैयक्तिक सम्बन्ध
D.सामाजिक अनुबन्ध और व्यक्तिगत अधिकार
A और B
A और C
B और A
B और D
C
विचार न केवल भाषा को निर्धारित करते हैं बल्कि उसे आगे भी बढ़ाते हैं।” यह विचार ……. द्वारा रखा गया।
जीन पियाजे
कोह्यबर्ग
वाइगोत्स्की
पावलॉव
C
‘मानसिक विकास की औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था’ की मुख्य विशेषता है
अमूर्त चिन्तन
मूर्त चिन्तन
सामाजिक चिन्तन
अहम्--केन्द्रितः व्यवहार
A
कोह्नबर्ग के अनुसार ‘सही और गलत के बारे में बच्चे …….. चिन्तन’ करते हैं।
लग आयु में अलग तरीके से
अलग चरणों में समान तरीके से
सन्दर्भ के अनुसार
अभिभावकों द्वारा प्रदत्त निर्देशों के अनुसार
A
वाइगोत्स्की बच्चों के सीखने में निम्नलिखित में से किस कारक की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल देते हैं?
सामाजिक
आनुवंशिक
नैतिक
शारीरिक
A
पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के चरणों के अनुसार, इन्द्रिय गामक (संवेदी-प्रेरक) अवस्था किसके साथ सम्बन्धित है?
सामाजिक मुद्दों से सरोकार
अनुकरण, स्मृति और मानसिक निरूपण
तार्किक रूप से समस्या-समाधान की योग्यता
विकल्पों के निर्वाचन और विश्लेषण करने की योग्यता
B
कोह्नबर्ग के अनुसार, शिक्षक बच्चों में नैतिक मूल्यों का विकास कर सकता है
"कैसे व्यवहार किया जाना चाहिए” इस पर कठोर निर्देश देकर
धार्मिक शिक्षा को महत्त्व देकर
व्यवहार के स्पष्ट नियम बनाकर
नैतिक मुद्दों पर आधारित चर्चाओं में उन्हें शामिल करके
D
पियाजे के अधिगम के संज्ञानात्मक सिद्धान्त के अनुसार, वह प्रक्रिया जिसके द्वारा संज्ञानात्मक संरचना को संशोधित किया जाता है, …… कहलाती है।
प्रत्यक्षण
समायोजन
समावेशन
स्कीमा
C
कोह्नबर्ग के अनुसार, सही और गलत के प्रश्न के बारे में निर्णय लेने में शामिल चिन्तन-प्रक्रिया को कहा जाता है
सहयोग की नैतिकता
नैतिक तर्कणा
नैतिक यथार्थवाद
अनैतिक यथार्थवाद
B
पियाजे के अनुसार, संज्ञानात्मक विकास के किस चरण पर बच्चा “वस्तु स्थायित्व” को प्रदर्शित करता है?
मूर्त संक्रियात्मक चरण
औपचारिक संक्रियात्मक चरण
संवेदी-प्रेरक चरण
C.     संवेदी-प्रेरक चरण
D
‘बच्चे दुनिया के बारे में अपनी समझ का सृजन करते हैं।” इस सिद्धान्त का श्रेय ……. को जाता है।
पियाजे
पावलॉव
कोह्नबर्ग
स्किनर
A
वह अवस्था जब बच्चा तार्किक रूप से वस्तुओं व घटनाओं के विषय में चिन्तन प्रारम्भ करता है, है
संवेदी-प्रेरक अवस्था
औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था
पूर्व संक्रियात्मक अवस्था
मूर्त संक्रियात्मक अवस्था
A
बच्चों के बौद्धिक विकास की चार विशिष्ट अवस्थाओं की पहचान की गई
कोह्नबर्ग द्वारा
एरिकसन द्वारा
स्किनर द्वारा
पियाजे द्वारा
D
पियाजे के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-सी अवस्था में बच्चा अमूर्त संकल्पनाओं के विषय में तार्किक चिन्तन करना आरम्भ करता है?
मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था (07-11 वर्ष)
औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था (11 वर्ष एवं ऊपर)
संवेदी-प्रेरक अवस्था (जन्म-02 वर्ष)
पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था (02-07 वर्ष)
A
पियाजे के अनुसार, विकास की पहली अवस्था (जन्म से लगभग 2 वर्ष आयु) के दौरान बच्चा ……. सबसे बेहतर सीखता है
निष्क्रिय शब्दों को समझने के द्रारा
अमूर्त तरीके से चिन्तन द्वारा
भाषा के नये अर्जित ज्ञान के अनुप्रयोग द्वारा
इन्द्रियों के प्रयोग द्वारा
D
वह स्तर जिसमें बच्चा किसी वस्तु एवं घटना के बारे में तार्किक रूप से सोचना शुरू करता है, कहा जाता है
संवेदन प्रणोद अवस्था
औपचारिक अवस्था
पूर्व क्रियात्मक अवस्था
मूर्त क्रियात्मक अवस्था
C
निम्न में से किसका कथन है कि ‘ज्ञानात्मक विकास नकल पर आधारित न होकर खोज पर आधारित होता है?”
जीन पियाजे
कोह्नबर्ग
स्किनर
वाइगोत्स्की
A
निम्नलिखित में से किसने बच्चों की अन्त:क्रियाओं को उनके विकास का मूल आधार माना है?
लॉरेन्स कोह्नबर्ग
लेव वाइगोत्स्की
जीन पियाजे
स्किनर
B
निम्न में से किसने ‘नैतिक विकास की अवस्था’ के सिद्धान्त का प्रतिपादन किया?
जीन पियाजे
लॉरेन्स कोह्नबर्ग
फ्रायड
सीयर्स
B
पियाजे के अनुसार, कोई बच्चा किस अवस्था में अपने परिवेश की वस्तुओं को पहचानने एवं उनमें विभेद करने लगता है?
मूर्त संक्रियात्मक अवस्था
औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था
संवेदी-प्रेरक अवस्था
पूर्व संक्रियात्मक अवस्था
D
वाइगोत्स्की के अनुसार, बच्चे साथी-समूह के सक्रिय सदस्य कब होते हैं?
पूर्व बाल्यावस्था
बाल्यावस्था
किशोरावस्था
प्रौढ़ावस्था
C
पियाजे ने किसी बच्चे के विचारों में नये विचारों के समावेश हो जाने की क्या कहा है?
व्यवस्थापन
सात्मीकरण
खोज
निर्माण
B
जीन पियाजे के अनुसार, कितने वर्ष की आयु तक के बच्चों में संज्ञानात्मक परिपक्वता का अभाव पाया जाता है?
4 वर्ष
6 वर्ष
8 वर्षं
12 वर्ष
B
बच्चों के विकास से सम्बन्धित ‘निर्माण एवं खोज का सिद्धान्त’ निम्न में से किसने दिया था ?
स्किनर
वाइगोत्स्की
जीन पियाजे
कोङ्गबर्ग
C
बच्चों में ‘आधारहीन आत्मचेतना’ का सम्बन्ध उसके विकास की किस अवस्था से सम्बन्धित है?
पूर्व बाल्यावस्था
बाल्यावस्था
किशोरावस्था
इनमें से कोई नहीं
C
वाइगोत्स्की के अनुसार, किसी बालक के विकास में सबसे महत्वपूर्ण योगदान निम्न में से किसका होता है?
परिवार का
विद्यालय का
समाज का
धर्म का
C
पियाजे द्वारा बताई गई बाल विकास की चार अवस्थाओं में औपचारिक अथवा अमूर्त संक्रियात्मक अवस्था की अवधि है
जन्म से 2 वर्ष तक
2 से 7 वर्ष तक
7 से 11 वर्ष तक
11 वर्ष से लेकर प्रौढ़ावस्था
D
पियाजे के अनुसार, …… वर्ष से कम आयु के बालकों में संज्ञानात्मक परिपक्वता का अभाव पाया जाता है।
6
8
8
10
A
लॉरेन्स कोहबर्ग द्वारा प्रतिपादित नैतिक विकास के सिद्धान्त के अनुसार पूर्व नैतिक अवस्था की अवधि है
जन्म से 5 वर्ष की आयु तक
जन्म से 2 वर्षं की आयु तक
तीसरे वर्ष से 6 वर्ष की आयु तक
सातवें वर्ष से लेकर किशोरावस्था के प्रारम्भिक काल तक
B